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बारिश होने के समय मुसलमान का क्या व्यहार होना चाहिए

الهندية - हिन्दी
المؤلف मक़्सूदुल हसन फैज़ी ، अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
القسم دروس ومحاضرات
النوع مرئي
اللغة الهندية - हिन्दी
المفردات العبادات - الأذكار للأمور العارضة
बारिश होने के समय मुसलमान का क्या व्यहार होना चाहिए : वर्षा का उतरना मात्र अल्लाह सर्वशक्तिमान की कृपा और दया है। बारिश ही आजीविका का स्रोत है जिसे अल्लाह सर्वशक्तिमान एक नियमित मात्रा में आकाश से धरती पर अवतरित करता है। इसलिए मनुष्य को चाहिए कि उसका अकेले श्रेय अल्लाह सर्वशक्तिमान को दे, उसे किसी तारे या नक्षत्र का प्रभाव न ठहराए। प्रस्तुत व्याख्यान में इस बात का उल्लेख किया गया है कि वर्षा होते समय एक विश्वासी मुसलमाम की स्थिति होनी चाहिए।

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