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عبارات مقترحة:

الحفي

كلمةُ (الحَفِيِّ) في اللغة هي صفةٌ من الحفاوة، وهي الاهتمامُ...

البصير

(البصير): اسمٌ من أسماء الله الحسنى، يدل على إثباتِ صفة...

الرءوف

كلمةُ (الرَّؤُوف) في اللغة صيغةُ مبالغة من (الرأفةِ)، وهي أرَقُّ...

आप की अमानत (आप की सेवा में)

الهندية - हिन्दी

المؤلف मुहम्मद कलीम सिद्दीक़ी ، अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
القسم كتب وأبحاث
النوع نصي
اللغة الهندية - हिन्दी
المفردات دعوة غير المسلمين
आज लाखों करोड़ों आदमी आग का ईंधन बनने की होड़ में लगे हुए हैं, और ऐसे मार्ग पर चल रहे हैं जो सीधे नरक की ओर जाता है। इस वातावरण में उन तमाम लोगों का दायित्व है जो मानव समूह से प्रेम करते हैं और मानवता में आस्था रखते हैं कि वे आगे आयें और नरक में गिर रहे इंतानों को बचाने का अपना कर्तव्य पूरा करें। यह पुस्तिका इसी संदर्भ में एक अहम प्रयास है जिस में लेखक ने मानवता के प्रति अपने प्रेम और स्नेह के कुछ फूल प्रस्तुत किये हैं और इसके माध्यम से उन्हों ने अपना वह कर्तव्य पूरा किया है जो एक सच्चे मुसलमान होने के नाते हम सब पर है। इस्लाम की दौलत एक बहुत बड़ा धरोहर है जिसे हर एक तक पहुँचाना प्रत्येक सच्चे मुसलमान का कर्तव्य है।