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सलाते वित्र के अहकाम व मसाइल

الهندية - हिन्दी

المؤلف अताउर्रहमान ज़ियाउल्लाह
القسم مقالات
النوع نصي
اللغة الهندية - हिन्दी
المفردات صلاة التطوع - صلاة الليل
नमाज़े-वित्र उन नमाज़ों में से है जिन्हें पैगंबर सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने पाबंदी के साथ पढ़ी है, बल्कि आप सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम ने इसे सफर में भी नहीं छोड़ा है। इसकी विभिन्न संख्याएं और उनके पढ़ने के विभिन्न तरीक़े हैं। उसकी कम से कम संख्या एक रक्अत है और नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से तेरह रक्अतों तक वित्र पढ़ना साबित है। इस लेख में नबी सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम से साबित वित्र की विभिन्न संख्याओं और उनके पढ़ने के तरीक़े, दिन में वित्र की क़ज़ा और अन्य संबंधित बातों का उल्लेख किया गया है।